एड़ी में दर्द क्यों होता है, देखें आम कारण व उपचार

एड़ी में दर्द, जिसे चिकित्सा भाषा में ‘हील पेन’ कहा जाता है, एक आम समस्या है जो हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकती है। यह दर्द सामान्यतः एड़ी के निचले हिस्से या एड़ी के पीछे के हिस्से में महसूस होता है। इस पोस्ट में आइए जानें, एड़ी में दर्द के आम कारण और उनके उपचार क्या हो सकते हैं या फिर किस स्थिति में आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए –

एड़ी में दर्द क्यों होता है, आम कारण –

यहाँ हमने ऐसी आम समस्याओं के बारे में सामान्य रूप से बताने का प्रयास किया है –

प्लांटर फासाइटिस:

प्लांटर फासाइटिस एड़ी में दर्द का सबसे सामान्य कारण है। यह स्थिति प्लांटर फासिया (एड़ी से पैर की उंगलियों तक जाने वाला मजबूत ऊतक बैंड) के सूजन के कारण होती है। यह दर्द सामान्यतः सुबह के समय उठते समय सबसे ज्यादा होता है।

एड़ी की हड्डी में बढ़ोतरी (हील स्पर) –

हील स्पर एड़ी की हड्डी में असामान्य बढ़ोतरी है, जो प्लांटर फासिया की बार-बार खिंचाव और तनाव के कारण होता है। यह भी एड़ी के नीचे दर्द का कारण बन सकता है।

एड़ी की चोट –

एड़ी पर किसी प्रकार की चोट, जैसे कि गिरने से लगी चोट, एड़ी की हड्डी में फ्रैक्चर, या खेल खेलते समय लगी चोट, भी एड़ी में दर्द का कारण बन सकती है।

अकिलीज़ टेंडोनाइटिस –

अकिलीज़ टेंडोनाइटिस एड़ी के पीछे दर्द का कारण बनता है और यह अकिलीज़ टेंडन (पिंडली की मांसपेशियों को एड़ी की हड्डी से जोड़ने वाला टेंडन) में सूजन के कारण होता है।

बर्साइटिस –

बर्साइटिस एड़ी के आसपास की बर्सा (तरल से भरी छोटी थैली) में सूजन है, जो अत्यधिक उपयोग, चोट या संक्रमण के कारण होती है।

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एड़ी में दर्द का उपचार

सामान्य रूप से किसी भी बीमारी को बढ़ने से रोकने के लिए यहाँ बताये गए कुछ उपाय किये जा सकते हैं, लेकिन यदि इनसे भी कोई फायदा नहीं लग रहा तो देर न करते हुए डॉक्टर को दिखाना चाहिए –

  • एड़ी में दर्द के उपचार का पहला कदम है पैर को आराम देना। अत्यधिक चलने, दौड़ने या खड़े होने से बचें।
  • अगर आपको सूजन लग रही है तो सूजन को कम करने के लिए बर्फ का उपयोग कर सकते हैं। एक तौलिया में बर्फ के टुकड़े लपेटकर दर्द वाली जगह पर 15-20 मिनट तक लगाएं।
  • प्लांटर फासिया और अकिलीज़ टेंडन (एंड़ी के टिशु) को स्ट्रेच करने वाली एक्सरसाइज करें। यह मांसपेशियों की कठोरता को कम करने और लचीलापन बढ़ाने में मदद करता है।
  • विशेषग्य से जानकारी लेकर जरुरी हो तो फिजिकल थेरेपी कर सकते हैं, इससे मांसपेशियों को मजबूत और लचीला बनाने में मदद मिलती है, जिससे एड़ी में दर्द कम हो सकता है।
  • अच्छे आर्च सपोर्ट या एंड़ीयों को आराम देने वाले कुशनिंग जूते पहनें।
  • अगर आपका जादा हो गया है तो वजन कम करें, अधिक वजन होने से पैरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे एड़ी में दर्द हो सकता है।
  • यदि चोट के कारण एड़ी में दर्द है, तो उसे प्राथमिक चिकित्सा दें और यदि दर्द बना रहता है, तो डॉक्टर से परामर्श लें।

एड़ी में दर्द होने पर कब डॉक्टर से मिलें

यदि आपको निम्नलिखित लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें –

  • तेज दर्द जो आराम करने के बाद भी ठीक नहीं होता।
  • सूजन या लालिमा।
  • चलने या वजन सहने में कठिनाई।
  • बुखार के साथ दर्द।

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लेख का सारांश –

एड़ी में दर्द एक सामान्य लेकिन कष्टदायक समस्या है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इसके सामान्य कारणों में प्लांटर फासाइटिस, हील स्पर, चोट, अकिलीज़ टेंडोनाइटिस और बर्साइटिस शामिल हैं। उचित देखभाल, आराम, और सही उपचार से इस दर्द को कम किया जा सकता है। यदि दर्द लगातार बना रहता है, तो चिकित्सा सलाह लेना महत्वपूर्ण है ताकि गंभीर समस्याओं को रोका जा सके। सही समय पर उपचार और देखभाल से एड़ी के दर्द से राहत पाई जा सकती है और जीवन को सामान्य रूप से जीया जा सकता है।

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